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गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में कितने परत होते हैं?
मायोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤® में तीन परतें होती हैं: à¤à¤• बाहरी अनà¥à¤¦à¥ˆà¤°à¥à¤§à¥à¤¯ चिकनी पेशी परत, à¤à¤• मधà¥à¤¯ कà¥à¤°à¥‰à¤¸à¤¿à¤‚ग पेशी परत और à¤à¤• आंतरिक गोलाकार पेशी परत। मधà¥à¤¯ से कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¥‰à¤¸à¤¿à¤‚ग मांसपेशी फाइबर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के शामिल होने के दौरान जीवित संयà¥à¤•à¥à¤¤à¤¾à¤•à¥à¤·à¤° के रूप में कारà¥à¤¯ करते हैं और रकà¥à¤¤ की हानि को रोकते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ जननांग है। यह 7.5 सेमी लमà¥à¤¬à¥€, 5 सेमी चौड़ी तथा इसकी दीवार 2.5 सेमी मोटी होती है। इसका वजन लगà¤à¤— 35 गà¥à¤°à¤¾à¤® तथा इसकी आकृति नाशपाती के आकार के जैसी होती है। जिसका चौड़ा à¤à¤¾à¤— ऊपर फंडस तथा पतला à¤à¤¾à¤— नीचे इसà¥à¤¥à¤®à¤¸ कहलाता है। महिलाओं में यह मूतà¥à¤° की थैली और मलाशय के बीच में होती है तथा गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का à¤à¥à¤•ाव आगे की ओर होने पर उसे à¤à¤¨à¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤°à¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ कहते है अथवा पीछे की तरफ होने पर रीटà¥à¤°à¥‹à¤µà¤°à¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ कहते है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के à¤à¥à¤•ाव से बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® पर कोई पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं पड़ता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का ऊपरी चौड़ा à¤à¤¾à¤— बाडी तथा निचला à¤à¤¾à¤— तंग à¤à¤¾à¤— गरà¥à¤¦à¤¨ या इसà¥à¤¥à¤®à¤¸ कहलाता है। इसà¥à¤¥à¤®à¤¸ नीचे योनि में जाकर खà¥à¤²à¤¤à¤¾ है। इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को औस कहते है। यह 1.5 से 2.5 सेमी बड़ा तथा ठोस मांसपेशियों से बना होता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के विकास गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार बढ़कर सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ की पसलियों तक पहà¥à¤‚च जाता है। साथ ही गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवारे पतली हो जाती है।
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